आठ वर्षों से बाय गांव में छाया है अंधेरा

गिद्धौर:प्रखंडकाएकऐसागांवजहांआजादीकेबादमात्रएकमाहहीबिजलीजलाहै।जिसकेबादसेआजभीयहांकेलोगअंधेरेमेंरहनेकोविवशहैं।गांवमेंविद्युतविभागद्वारातारवपोललगादियागया।परंतुट्रांसफार्मरकेअभावमेंआजतकइसगांवमेंविद्युतकीआपूर्तिचालूनहींहोपायीहै।यहगांवप्रखंडकाबायगांवहै।इसगांवमेंअधिकांशदलितपरिवारनिवासकरतेहैं।

बतायाजाताहैकिइसगांवमेंराजीवगांधीविद्युतीकरणयोजनाकेतहतवर्ष2012मेंविद्युतकीआपूर्तिकियागयाथा।मात्रएकमाहहीइसगांवमेंबिजलीजला।जिसकेबादडीवीसीद्वारालगायागया25केवीकाट्रांसफार्मरजलगया।जिसकेबादसेआजतकइसगांवमेंविद्युतविभागद्वारानतोट्रांसफार्मरलगायागयाऔरनहीविद्युतकीआपूर्तिहोपायाहै।वैसेमेंसंपूर्णगांवआजभीअंधेरेमेंहैं।हालांकिसौभाग्ययोजनाकेतहतपूरेगांवमेंविद्युतकेतारखींचदियागयाहै।परंतुट्रांसफार्मरनहींरहनेकेकारणविद्युतकीआपूर्तिनहींहोपाईहै।

गांवकेग्रामीणोंनेट्रांसफार्मरलगानेकीमांगविधायकवसांसदसेकईबारकिया।यहांतककीसदरविधायकसेभीलोगोंनेइसगांवमेंट्रांसफार्मरलगानेकीमांगकिया।परंतुनतोविभागकेअधिकारीऔरनहीजनप्रतिनिधियोंनेइसगांवमेंट्रांसफार्मरलगानेकीपहलकिया।वैसेमेंसंपूर्णगांवआजभीअंधेरामेंहै।जबकिसरकारद्वाराघर-घरबिजलीपहुंचानेकादावाकियाजारहाहै।परंतुयहदावाबायगांवमेंटाय-टाय,फीसहोतादिखरहाहै।

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