अपनों की सुरक्षा के लिए गांव के बाहर खुद हुए क्वारंटाइन

संवादसहयोगी,कुलपहाड़(महोबा):आश्रयस्थलोंअथवाक्वारंटाइनसेंटरपररुकनेकोकुछलोगभलेहीसजामानरहेंहो,परऐसेभीजागरूकलोगहैं।जिन्होंनेअपनोंऔरग्रामीणोंकीसुरक्षाकेलिएगांवपहुंचखुदकोबाहरकीक्वारंटाइनकरलिया।वेचाहतेतोघरभीजासकतेथेपरउन्होंनेगांवमेंप्रवेशउचितनहींसमझा।गांवकेबाहरबनेविद्यालयकीसफाईकरबिनाकिसीकीमददलिएखुदकोवहांक्वारंटाइनकिया।

कुलपहाड़ग्रामीणकेरेलवेस्टेशनकेनिकटछोटेसेमजरेकेसातयुवकदादरानगरहवेलीमेंरिलायंसटेक्सटाइलमिलमेंकच्चाधागाबनानेकाकामकरतेथे।दादरानगरहवेलीग्रीनजोनहोनेपरभीफैक्ट्रीबंदहोगई।दोमाहकावेतनभीवहींखर्चहोगया।अभयसिंह,लोकेंद्र,देवेंद्र,जीतेंद्र,हेमंत,अजय,जीतेंद्रसिंह,जयसिंहनेबतायाकिघरआनेकेलिएऑनलाइनफार्मभरे,जिसमे,3000रुपएखर्चहुए।गांवआनेपरसभीनेघरजानेकेबजाएभोजनकेलिएगैससिलिडर,राशनसामग्रीवबर्तनस्वजनोंसेयहींमंगालिया।सभीखुदहीभोजनबनातेहैं,बर्तनधोकरपूरेदिनधूपमेंरखतेताकिवायरसकाप्रभावनरहे।सभीनेपहलेविद्यालयमेंगंदगीकोसाफकिया।गर्मियोंमेरातकोबाहरसोनेकीआदतरहीहै।ऐसेमेंस्कूलमेंउन्हेंकुछअटपटाभीनहींलगरहाहै।सिचाईसुविधाहोतीतोक्योंछोड़तेगांव

देवेंद्रसिंहनेबतायाकिहमतीनभाई-बहनहैं।कुलआठबीघाजमीनहै।सिचाईकासाधननहोनेसेकखेतीमेंकोईआमदनीनहींहै।अगरपानीमिलजाएतोउसीजमीनपरपैदावारबढ़ाएंगे।अबहमारीमाटीहीऐसेसंकटमेंसहाराबनेगी।प्रशासनपानीदे,यहींकरेंगेमेहनत

जितेंद्रसिंहनेकहाकिहमारीतहसीलमेंखेतीकेलिएपानीसबसेबड़ासंकटहै।अगरसरकारयाप्रशासनहमलोगोंकोपानीउपलब्धकरादेतोबुंदेलखंडकेकिसानोंऔरमजदूरोंकोबाहरजानेकीनौबतहीनआए।हमयहींरहकरजीविकाचलासकतेहैं।परदेसकीकमाईसेमोहभंग

लोकेंद्रसिंहबहुतहौसलेसेपरदेसपैसाकमानेगएथे।इसलॉकडाउनकीमुसीबतनेअबपरदेशकमाईकामोहभंगकरदियाहै।अबअपनीहीजमीनसेपरिवारकापेटपालेंगे।जैसेहोगावैसेखेतीहींकरेंगेऔरगांवमेंहीरहेंगेयहींअच्छाकाममिलजाएतोकभीनजाएंबाहर

अभयसिंहनेकहाकिहमछहभाइयोंकेबीचचारबीघाजमीनहै।आयकाकोईदूसराजरियानहोनेकेकारणमजबूरीमेंदूसरेप्रदेशमेंजाकरकामकरनापड़ताहै।अगरहमलोगोंकेमुताबिककामयहींपरमिलजाएतोबाहरजानेकीनौबतहीनहींआएगी।

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