बाराबंकी में सूखी झील को ग्रामीणों ने दिया नवजीवन, PMO ने कहा- बनाएंगे पक्षी विहार

बाराबंकी[जगदीपशुक्ल]।25जनवरीकोजबदैनिकजागरणकीटीमसराहीगांवपहुंचीतोमानोउत्सवकामाहौलथा।गणतंत्रदिवसकीपूर्वसंध्यापरयहउत्सवदोगुनेउत्साहसेभराप्रतीतहोरहाथा।गांवकाहरव्यक्तिदैनिकजागरणमेंप्रकाशितउसखबरकीचर्चामेंरतथा,जिसमेंयहलिखाथाकिप्रधानमंत्रीकार्यालयनेराज्यसरकारकोनिर्देशदेकरसराहीकीझीलकोपक्षीविहारकेरूपमेंविकसितकरनेकोकहाहै...

सराहीगांवकेप्राथमिकविद्यालयमेंप्रधानाचार्यमो.शुएबइंटरवलमेंसभीबच्चोंसेरूबरूहैं।उनकेहाथोंमेंदैनिकजागरणहै।वहइसमेंछपीसराहीकीखबरपढ़करविद्यार्थियोंकोसुनारहेहैं।इसकेसाथहीवहगांवकेलोगोंकेजज्बेकोसराहतेहुएउनसेसीखलेनेकीबातकहरहेहैं।इसीतरहचौपालमेंभीएकबुजुर्गखबरपढ़करसुनारहेहैं...।दैनिकजागरणकीटीमअभी-अभीयहांपहुंचीहै।मो.शुएबइससेबेखबरबच्चोंकोबतानेमेंजुटेहैंकिग्रामीणोंनेश्रमदानसेझीलकोजीवनदानदेकरकितनामहानकामकियाहै।यहभीसमझातेहैंकिसराहीझीलआसपासकेगांवोंकेसाथप्रकृतिएवंपर्यावरणकेलिएकितनीउपयोगीसाबितहोगी।तभीवहांदूरदर्शनकीटीमपहुंचतीहै।इसेदेखमो.शुएबबच्चोंसेझीलकोनवजीवनदेनेवालेनायकोंकाअनुसरणकरनेकीअपीलकरकेबातखत्मकरदेतेहैं।यहसिर्फएकतस्वीरहै।चौपालसेलेकरखेत-खलिहानतकगांवकेइननायकोंकीसराहनाकेस्वरगूंजरहेहैं।दैनिकजागरणनेइनकेजज्बेऔरहौसलेसेपूरेदेशकोपरिचितकरायातोदूरदर्शनअबसबकोइसकादीदारकरानेकेलिएयहांआयाहै।

रूठेमेहमानकोमनानेकोश्रमदान

दशकभरकेभीतरगांवकेलोगोंनेसराहीझीलकोसूखनेकीकगारपरपहुंचतेदेखा।कईहैंडपंपभीसूखगए।झीलमेंपानीबेहदकमहोनेकेचलतेकईवर्षोंसेप्रवासीपरिंदेयहांआनाछोड़चुकेथे।गांवकेहरशख्सकोयहअखरताथा।यहकलरवफिरकैसेगूंजे,इसकीयुक्तिसुशीलसिंहनेनिकाली।सबनेश्रमदानसेझीलकोजिंदाकरनेकीयुक्तिकोसराहाऔरसाथचलपड़े।इसतरहसराही,मीरनगरऔरबनगांवाकेलोगोंनेकामशुरूकिया।20जून2019से10जुलाई2019तकश्रमदानकरकेग्रामीणोंनेअसंभवलगतेकामकोसंभवकरडाला।बारिशसेपहलेकामपूराकरनेकेलिएतीन-चारदिनजेसीबीभीचलवाई।इसकाभुगतानभीग्रामीणोंनेआपसीसहयोगसेकिया।

झीलकेनिचलेकिनारोंपरबांधबनानेकेबादअभीपूरबदिशामेंझीलकीमेड़बंदीबाकीहै।इसकेलिएग्रामीणोंमेंजोशनजरआताहै।गांवकेलोगश्रमदानकरकेइसेनिपटानेकेलिएतैयारहैं।सराहीझीलकेनायकसुशीलसिंह,अजीतप्रतापसिंह,दिलीपसिंह,रंगीलाल,रामलखन,रामनरेश,सचिन,नौमीलाल,परौती,रामसिंहआदिकाकहनाहैकिउन्हेंदोबारामौकामिलातोबढ़चढ़करश्रमदानकरेंगे।झीलकेकायाकल्पमेंसहयोगदेनेवालेसराहीकीग्रामप्रधानसरपताऔरमीरनगरकेग्रामप्रधानज्ञानमिश्रआगेभीइसकेलिएतैयारहैं।येसभीअबझीलकेपक्षीविहारबनाएजानेकीखबरसेउत्साहितहै।

छिछलेभागमेंपसाढ़ीचावलभीहोताहै

सराहीझीलबहुतपुरानीबताईजातीहै।यहदरियाबाद-टिकैतनगरमार्गकेकिनारेस्थितहै।राजस्वअभिलेखोंमेंयहनहरऔरझीलकेरूपमेंदर्जहै।इसकाहिस्सामुख्यरूपसेसराहीऔरबनगांवाग्रामपंचायतमेंआताहै।43हेक्टेयरकीइसझीलकाहिस्सासराहीग्रामपंचायतमें27.5औरबनगांवामें15.5हेक्टेयरआताहै।छिछलेभागमेंपसाढ़ीचावलभीहोताहै।इनदिनोंझीलकपासीहंस,भूरेरंगकीटिटहरी,घोंघिल,जघिल,सारस,सैंडपाइपर,सेल्ही,लालएनजन,कपासीचील,मुस्लिहियाआदिपक्षियोंसेगुलजारहै।

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झीलकीउपयोगिता

इनकेप्रयासोंसेगूंजाकलरव

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