बीड़ी से सुलग रही चूल्हे की आग

देवघर:लॉकडाउनकेचलतेकईलोगोंकीरोजगारछिनगईतोकईकेपासखानेकेलालेपड़गए,लेकिनडूमरथरगांवकेदलितटोलाकाचूल्हाइनदिनोंबीड़ीसेसुलगरहीहै।इसटोलेकेअधिसंख्यग्रामीणदेवघरआकरमजदूरीकरतेहैं।क्योंकिदेवघरमेंअभीभीलॉकडाउनकाअसरहैइसलिएयहांकेअधिसंख्यग्रामीणगांवछोड़करनहींनिकलरहेहैं।घरकेपुरुषसदस्योंकेकामपरनहींजानेकेकारणघरचलानेमेंपरेशानीहोरहीहै।ऐसेमेंघरकीमहिलाएंबीड़ीबनाकररोजना30रुपयेयाइससेकुछअधिकरुपयेकीकमाईकरतीहैं।गांवकीएकमहिलारंजूकहतीहैकिजनधनसे500रुपये,राशनदुकानसे10किलोचावलमिलाहै।पतिकेकामपरनहींजानेकीवजहसेघरचलानेमेंपरेशानीहोरहीहै।ऐसेमेंबीड़ीबनाकररोजाना30से40रुपयेकीकमाईसेकिसीतरहसेघरकाचौका-चूल्हाचलरहाहै।गांवकीशर्मिलादेवी,कवितादेवीसमेतकईमहिलाएंबीड़ीबनाकरप्रतिदिनकुछ-न-कुछकमारहीहैं।महिलाओंनेकहाकिकच्चामालवबीड़ीपत्ताठीकेदारपहुंचाजाताहैऔरतैयारबीड़ीलेजाताहै।गांवकेअकलूदासदेवघरमेंराजमिस्त्रीकेसाथमजदूरकाकामकरतेहैं।हालांकिराजमिस्त्रीकोअभीकामनहींमिलरहाहैइसलिएवहभीबैठाहै।इसगांवकेअधिसंख्यलोगदेवघरजाकरमजदूरीकरतेहैं।इक्का-दुक्काहीप्रदेशोंमेंपलायनकियाहै।पूछनेपरकहाकिवेलोगइसलॉकडाउनमेंभीगांवनहींलौटेहैं।मनरेगासेगांवमेंभीकोईकामकीशुरुआतनहींहुईहै।

रामेश्वरदासनेकहाकिकामढूंढरहेहैंपरमिलनहींरहाहै।कहाकिजीवनके50बसंतकाटचुकेहैंलेकिनऐसीहालतभीहोगीसोचेनहींथे।कमोबेशयहीस्थितिरोहिणीकेसमीपस्थितगौराडीहसमेतआसपासकेकईगांवोंकीभीहैजहांकीदलितमहिलाएंबीड़ीबनातीहैंऔरकुछेकरुपयेकमाकरतंगीहालमेंघरकोचलारहीहैं।

ग्रामीणोंकोचाहिएसिचाईकीमुकम्मलसुविधा:देवघर-दुमकापथपरचोपामोड़सेठीकपहलेबसाहैडूमरथरगांव।देवघरटावरचौकसेकरीबसातकिलोमीटरदूरहै।मुख्यपथसेसटकरगांवतकजातीहैपीसीसीसड़क।गांवतीनटोलामेंबंटाऔरयहीपीसीसीसड़कआगेबढ़नेपरअलग-अलगटोलोंतकलेजातीहै।पहलाटोलाहैदलितोंकीबस्तीदासटोला।दूसराराउतऔरतीसरायादवटोलाहै।डूमरथरगांवदहीजोरपंचायतकाहिस्साहै।भागीरथप्रसादराउतयहांकेमुखियाहैं।गांवकेमुहानेपरहीलगाहै।शौचमुक्तगांवडूमरथरकाबोर्ड,लेकिनजमीनीहकीकतइससेइतरहै।हालांकिअधिसंख्यघरोंकेसामनेसरकारकेस्तरसेबनायागयाशौचालयजरूरदिखजाताहै।गांवकेग्रामीणपीएमआवास,उज्ज्वलागैसकनेक्शनऔरबिजलीसेभीसंपन्नहैं।कुछेकग्रामीणोंकीशिकायतहैकिउन्हेंपीएमआवासनहींमिलाहै।अगरगांवमेंकमीहैतोसिचाईसुविधाकी।

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