बरसात में टापू बन जाता है तोरपा का साराबुरु गांव, पीते हैं नदी का पानी

सुनीलसोनी,तोरपा(खूंटी)

खूंटीजिलेकेतोरपाप्रखंडकाफटकापंचायतक्षेत्रखूबसूरतवादियोंमेंशुमारहै।देखाजायतोफटकाकेचारोंओरफैलेसुंदरवादियोंऊंचे-ऊंचेपहाड़,कलकलकरताझरना,जंगलीजीव-जंतुओंकीआवाजेंबरबसहीअपनीओरखींचताहै।लेकिनइनसुंदरवादियोंमेंरहनेवालेग्रामीणआजभीपाषाणकालमेंहीजीनेपरविवशहै।विकासनहींहोनेकेकारणलोगशहरसेकटेहुएहैं।आवागमनकेलिएसड़केंनहीं,पीनेकेलिएस्वच्छजलनहींहै।गरीबग्रामीणोंकोसरकारकीओरसेमिलनेवालेपक्केमकाननहींमिले।लोगमिट्टीकेकच्चेमकानोंमेंरहनेपरमजबूरहैं।बच्चोंकेपढ़नेकेलिएस्कूलनहीं।सरकारीलाभोंसेवंचितरहनेवालायहगांवहैफटकापंचायतकासाराबुरू।साराबुरूउसीफटकापंचायतकागांवहैजहांपेरवाघाघअवस्थितहै।पेरवाघाघकीमनभावनवादियोंकोनिहारनेकेलिएदेशकेअलग-अलगहिस्सोंसेलोगपहुंचतेहैं।पेरवाघाघमेंपर्यटकोंकोजमावड़ालगारहताहैऔरउसीपंचायतकेसाराबुरूगांवविकाससेकोसोंदूरहै।यहदुर्भाग्यग्रामीणोंकेसाथ-साथसरकारीबाबूओंऔरजनप्रतिनिधियोंकाभीहै।

साराबुरूवसंकतयोरकेलगभगसातसौग्रामीणबरसातकेदौरानअपनेगांवमेंहीकैदरहतेहैं।गांवकेबाहरबहनेवालीछोटीनदीपरपानीभरजानेसेइनगांवोंकासंपर्कजिलावप्रखंडमुख्यालयोंसेकटजाताहैं।एककच्चीसड़कइनगांवोंकोदुमांगदिरीहोतेहुएतपकरातकजोड़तीहै।सड़कपरसाराबुरूवदुमांगदिरीकेबीचमेएकछोटीनदीपड़तीहै।उक्तनदीपरकहींपुलियानहींहै,तोकहींपहुंचपथनहींहै।लोगपगडंडियोंकेसहारेअपनासफरतयकरतेहैं।बरसातकेदिनोंमेंनदीउफानपररहतीहैं।जिसकेकारणदोनोंगांवटापूबनजाताहै।गांववालेबरसातसेपहलेहीइससेनिबटनेकीतैयारीकरलेतेहैं।लगातारबारिशहोनेपरतोआठसेदसदिनोंतकगांवटापूबनारहताहै।कमबारिशहोतीहै,तोएकसेदोदिनोंमेंस्थितिसामान्यहोजातीहै।गांवकेरमामहतोकहतेहैंकिजबतकनदीपरपुलकानिर्माणनहींहोगा,तबतकयहसमस्याकायमरहेगी।सबसेअधिकपरेशानीमरीजोंऔरगर्भवतीमहिलाओंकोहोतीहै।ग्रामीणकहतेहैंकिबरसातमेंकोईबीमारनपड़े,लोगइसकीप्रार्थनाकरतेहैं।उन्होंनेबतायाकियदिकोईबीमारपड़जाताहै,तोउन्हेंखाटपरलेटाकरनदीपारकरतेहै।इसकेबाददुमांगदिरीसेकोईवाहनमेंअस्पतालतकपहुंचातेहैं।पेयजलकेलिएनदीपरआश्रित

सरकारकेविकासकीधरातलपरवास्तविकतादेखनाहोतोसाराबुरूइसकाबेहतरउदाहरणहोसकताहै।यहांग्रामीणोंकोस्वच्छपेयजलकेलिएनदीपरआश्रितरहनापड़ताहै।नदीकिनारेचुआंबनाकरलोगपानीभरतेहैं,जिससेसभीअपनीप्यासबुझातेहैं।रोजसुबहमहिलाएंएकजुटहोकरनदीजातीहै।कपड़े,बर्तनआदिनदीमेंहीधोतीहैं।फिरनदीकेकिनारेचुआंबनाकरउससेपीनेकेलिएपानीभरकरघरलेजातीहैं।ऐसानहींहैकिसाराबुरूपेयजलकीसरकारीव्यवस्थानहींहै।साराबुरूमेंघर-घरनलसेजलपहुंचानेकीव्यवस्थाहै।लेकिनबीतेचारमहीनोंसेइससेग्रामीणोंकोपानीनहींमिलरहाहै।चारमाहपहलेखराबीआनेकेबादइसेअबतकदुरूस्तनहींकरायागयाहै।ग्रामीणोंनेखराबीकीजानकारीमुखियाकोदेतेहुएइसेठीककरानेकीगुहारलगायीतोउन्होंनेकहाकिकआपसमेंचंदाकरकेखुदसेबनवाले।वहींइसदुर्गमगांवमेंमिस्त्रीजानेमेंकठिनाईहोतीहै।20सालपूर्वपांचलोगोंकोमिलाथाइंदिराआवास

साराबुरूकेसिझरभेंगरानेबतायाकिउनकेगांवमेंकिसीभीव्यक्तिकोकुछविशेषयोजनाओंकालाभनहीमिलाहै।यहांतककिमजदूरोंकोमनरेगाकेतहतभीकिसीप्रकारकोकामनहींमिलाजिसमेंवेमजदूरीकरसके।फ्रांसिसहेरेंजनेबतायाकिग्रामीणभरणपोषणकेलिएजंगलसेसूखीलकड़ियांलाकरतोरपावतपकारालेजाकरबेचतेहैं।इसीसेग्रामीणोंकोजीवन-यापनहोरहाहै।20सालपहलेसाराबुरूमेंकेवलपांचलोगोंकोइंदिराआवासमिलाथा।इसकेबादसेअबतककिसीभीयोजनाकालाभग्रामीणोंकोनहींमिलाहै।यहांतककीगांवमेंकिसीकोशौचालयभीनहींमिलाहै।साराबुरूकीमहिलाएंअन्यगांवोंकीमहिलाओंकीतरहकुछकामकरनाचाहतीहै,लेकिनमहिलाओंकेपासकिसीभीयोजनाकेबारेजानकारीनहींहै।इसकेकारणघरकेकामकरनेकेबादऐसेहीगप्पेमारकरसमयबीतातींहैं।गांवमेंमहिलामंडलहैलेकिनअभीतककोईभीसंस्थाकामनहींदियाहै।

स्कूलकेलिएबच्चोंकोतयकरनापड़तापांचकिलोमीटरकीदूरी

साराबुरूमेंएकप्राइमरीस्कूलथाजिसे2018मेंचुरदागस्कूलकेसाथमर्जकरदियागया।इसकेबादसेगांवकेछोटे-छोटेबच्चोंकोभीपढ़नेकेलिएचुरदागयाडेरांगजानापड़ताहै।रोजपैदलपांचसेछहकिलोमीटरकीदूरीतयकरनेसेबच्चेथकजातेहैं।वहींबरसातकेदिनोंमेंजबनदीमेंपानीभरारहताहैतबबच्चेस्कूलनहींजापाते।

जल्दहीस्थानीयजनप्रतिनिधियोंसेयोजनाबनाकरपंचायतकीओरसेसड़कबनानेकाकामशुरूकरवायाजाएगा।वहींपानीकेलिएभीसंबंधितविभागकोसूचनादियाजाएगाऔरखराबीकोठीककरवाकरग्रामीणोंकोस्वच्छपेयजलकीआपूर्तिकियाजाएगा।ग्रामीणोंकोविकासकीहरयोजनाकालाभमिलेइसकेलिएकामशुरूकियाजाएगा।

-दयानंदकारजी,प्रखंडविकासपदाधिकारीतोरपा

Previous post आशनाई में तो नहीं हुए भाई-बहन
Next post 360 बोतल नेपाली शराब के साथ का