बुजुर्गो की बनाई झील को संरक्षण दे रहे ग्रामीण

बिजनौरजेएनएन।जहांजलहै,वहांकलहै..इसीसोचकेसाथगांवगुढ़ाकेग्रामीणदशकोंपहलेबुजुर्गोंकीबनाईझीलकोसंरक्षणदेरहेहैं।करीब60-70बीघामेंफैलीझीलकेजलसेवहांकाभूगर्भजलस्तरतोस्थिररहताहीहै,साथहीझीलकेजलसेआसपासकेखेतभीलहरारहेहैं।पशु-पक्षियोंकीप्यासबुझानेकेसाथ-साथझीलमेंमत्स्यपालनकिएजानेसेग्रामपंचायतकेराजस्वकोफायदापहुंचरहाहै।

नजीबाबाद-हरिद्वारराष्ट्रीयराजमार्गकोमोटामहादेवमंदिर-भागूवालाबाईपासमार्गजोड़ताहै।बाईपासमार्गपरगांवजटपुरासेउत्तरदिशामेंकरीबदो-ढाईकिलोमीटरदूरीपरगांवगुढ़ास्थितहै।गांवकेउत्तर-पश्चिमदिशामेंकरीब60-70बीघाभूमिमेंझीलफैलीहै।झीलसालभरपानीसेलबालबभरीरहतीहै।इसकेकिनारोंकोजलकटानसेरोकनेकेलिएग्रामीणोंनेवृक्षलगारखेहैं।वयोवृद्धग्रामीणरतिरामकाकहनाहैकिकईदशकपहलेबुजुर्गोंनेपेयजलकीआपूर्तिकेलिएझीलकानिर्माणकियाथा।बरसातकेदिनोंमेंजंगलोंकेपानीकोझीलतकपहुंचाकरग्रामीणसालभरखेतीबाड़ीसेलेकरपशु-पक्षियोंकीप्यासबुझानेकेलिएझीलकाजलइस्तेमालकरतेथे।ग्रामीणदेवेंद्रसिंहकाकहनाहैकिवर्तमानमेंबुजुर्गोंद्वाराबनाईगईझीलकेजलकासंरक्षणकियाजारहाहै।झीलकोखुर्द-बुर्दहोनेसेरोकनेकेलिएझीलकेकिनारेपौधारोपणकियागयाहै।हालांकिअबग्रामीणझीलपानीकाइस्तेमालपशुओंकीप्यासबुझानेकेलिएकरतेहैं।किसानोंदयारामसिंह,प्रेमपाल,पीतम,गेंदासिंह,गोपालसिंह,सुखराम,प्रमोदमुनेशकाकहनाहैकिझीलकेजलकीवजहसेउनकेखेतफसलोंसेलहरारहेहैं।ग्रामपंचायतकीसहमतिकेबादझीलकेजलकोखेतोंकीसिचाईकेलिएउपयोगमेंलायाजाताहै।

-झीलसेराजस्वकोपहुंचरहाफायदा

ग्रामप्रधानलेखराजकाकहनाहैकिझीलमेंफिलहालमत्स्यपालनकियाजारहाहै।ग्रामपंचायतकोझीलसेप्रतिवर्षकरीबडेढ़लाखरुपयेकीआमदनीहोरहीहै।झीलसेप्राप्तराजस्वगांवकेविकासमेंलगायाजाताहै।ग्रामीणबरसातकेदिनोंमेंजंगलपानीकोझीलकीओरमोड़देतेहैं।झीलवर्षभरपानीसेलबालबभरीहोनेसेयहांकाभूगर्भजलस्तरबनारहताहै।

झीलमेंनावकाउठातेहैंलुत्फ

बड़ेक्षेत्रफलमेंफैलीझीलकासौंदर्यदेखतेहीबनताहै।झीलकेसाफपानीमेंग्रामीणवयुवानावकालुत्फउठातेहैं।ग्रामीणगांवमेंबनीझीलकोबुजुर्गोंकावरदानमानतेहैं।सालभरमेंएकबारग्रामीणझीलकोस्वच्छरखनेकेलिएसफाईभीकरतेहैं।

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