Founder of Gayatri Family: एक सोच से बदली दर्जनों गांवों की दिशा और दशा, आज भी लोग नशे के खिलाफ है यहां

आगरा,संजयरुस्तगी।येएकसोचकाहीकमालहै।आगराजिलेकेगांवआंवलखेड़ासेनिकलीबदलावकीलहरनेदर्जनोंगांवोंकीदिशाऔरदशाबदलदी।आंवलखेड़ाऐसागांवहै,जहांअखिलविश्वगायत्रीपरिवारकेसंस्थापक-संरक्षकपं.श्रीरामशर्माआचार्यने20सितंबर,1911कोजन्मलिया।आचार्यज्ञानकादर्शनकरानेनिकलेतोअनुयायियोंकाकाफिलानजरआया।आजभीगांवोंमेंकहींंनशाविरोधीअलखजगातेलोगोंकीटोलीहैतोकहींबालसंस्कारकेलिएलगीपाठशालाध्यानखींचतीहै।आयुर्वेदकीराहचलेतोजीवनरक्षकदवानिर्माणसेरोजगारकीराहखोलदी।करीब50तरहकीदवाकेनिर्माणकेलिएइसछोटेगांवकीपहचानबड़ीहोगई।

प्रसिद्धीइतनीहैकिआगरासेकरीब30किलोमीटरदूरइसगांवतकपहुंचनेकेलिएअधिकपूछताछकीजरूरतहीनहींपड़ती।बसआचार्यश्रीरामकागांवकहिए,क्षेत्रकेबारेमेंंजानकारीरखनेवालेपूरारास्तासमझादेंगे।आचार्यकेविचारोंकेप्रचार-प्रसारकेलिएगायत्रीशक्तिपीठजुटीहै।गांवकेमध्यमेंस्थितआचार्यकापैतृकआवासतीर्थस्थलसेकमनजरनहींआता।यहांआसपासकेलोगोंकेअलावादूरदराजसेभीरोजानासैकड़ोंलोगआतेहैैं।पीठमेंगायकेगोबरसेलकड़ीवदीपकबनाएजातेहैैं,साथहीफार्मेसीमेंगोमूत्रसेविभिन्नरोगोंकीऔषधिबनाईजातीहै।इनकीसप्लाईदेशकेअलावाविदेशमेंभीकीजातीहै।

आंवलखेड़ाकोबनायापर्यटनस्थल

प्रदेशसरकारनेआंवलखेड़ाकोपर्यटनस्थलघोषितकियाहै।लिहाजा,गांवमेंविकासकार्यभीहोनेलगेहैैं।इससेपूर्व1995मेंमहायज्ञहोनेपरतत्कालीनप्रधानमंत्रीनरसिम्हारावभीयहांआएथे।उन्होंनेगांवकोआदर्शगांवघोषितकियाथा।

संक्षिप्तपरिचय:श्रीरामशर्माआचार्यएकव्यक्तित्व

आचार्यजीको15वर्षकीउम्रमें1926मेंमदनमोहनमालवीयनेकाशीमेंगायत्रीकीदीक्षादी।आचार्यजीनेस्वतंत्रताआंदोलनमेंबढ़चढ़करभागीदारीकी।जेलमेंलोगोंकोसाक्षरकिया,खुदभीअंग्रेजीसीखी।स्वतंत्रतासेनानीकेरूपमेंमिलनेवालीपेंशनभीउन्होंनेखुदलेनेकेबजाएप्रधानमंत्रीराहतकोषमेंजमाकरादी।उन्होंने3200पुस्तकोंकाप्रकाशनकियाहै।उन्होंनेमथुरामेंभीगायत्रीतपोभूमिकीस्थापनाकी।हरिद्वारमेंशांतिकुंजकीस्थापनाकी।

-गायत्रीशक्तिपीठकीओरसे24गांवमेंनशानिवारणअभियानचलरहाहै।गांवकेवालंटियरलोगोंकोनशेसेहोनेवालेनुकसानकोलेकरजागरूककरतेहैैं।इसकीमानीटङ्क्षरगपीठसेहोतीहै।हजारोंलोगनशाबंदीकोलेकरजागरूकहुएहैैं।

-24गांवमेंहररविवारकोबालसंस्कारशालाकाआयोजनकियाजाताहै।बच्चोंकोकथा-कहानीकेमाध्यमसेसंस्कारोंकीजानकारीदीजातीहै।दानकोरइंटरकालेजकीछात्राएंभीसंस्कारशालामेंंंजानकारीदेतीहैैं।इससेबच्चेसंस्कारवानहोरहेहैैं।

-ग्रामीणक्षेत्रमेंहरवर्ष31हजारपौधोंकारोपणकियाजाताहै।पौधेउन्हींसेलिएजातेहैैं,जोखुदलगातेहैैं।शिक्षाकेलिएतीनकालेजसंचालितकिएजारहेहैैं।गोबरसेलकड़ीवदीपकबनाएजारहेहैैं।

आचार्यजीकालोगोंकाआत्मिकविकासकरनेकालक्ष्यथा।उन्होंनेहमबदलेंगे-युगबदलेगासूत्रवाक्यदिया।गायत्रीशक्तिपीठइसेलेकरहीगांव-गांवजनजागरणकररहीहै।इसकेसकारात्मकपरिणामभीमिलरहेहैैं।

-घनश्यामदेवांगन,व्यवस्थापक,गायत्रीशक्तिपीठ।

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