हर्ष फायरिग से बुझ गया परिवार का इकलौता चिराग

जेएनएन,सम्भल।कोतवालीथानाक्षेत्रमेंएकवैवाहिककार्यक्रमकेदौरानहुईहर्षफायरिगमेंएकयुवककीमौतहोगई।युवकपरिवारकाइकलौताचिरागथा।अबपरिवारमेंउसकेमातापिताकेसाथसिर्फउसकीछोटीबहनहै।बेटेकीमौतकेबादपरिवारकेसाथगांवमेंशोकछागया।वहींस्वजनभीबदहवासहैं।थानाक्षेत्रकेगांवदहेलीनिवासीरामबाबूकीबेटीकीबारातक्षेत्रकेगांवबावईसेआईथी।बरातमेंजयमालाकेसमयपंडालमेंवरववधूपक्षकेलोगमौजूदथे।सभीतरफसेलोगोंकेचेहरेपरखुशियांछाईहुईदिखाईदेरहीथी।ऐसेमेंवहांमौजूदअधिकांशयुवामौजमस्तीमेंदिखाईदेरहेथे।इसीबीचएकगोलीकीगूंजकेबादपंडालमेंअचानकसेसन्नाटापसरगयालेकिन,कुछपलकेबादमचीचीखपुकारसेखुशीकामाहौलमातममेंबदलगया।क्योंकिजयमालाकेदौरानएकयुवकद्वारातमंचेसेकीगईहर्षफायरिगमेंगोलीवहांखड़ेदुल्हनकेरिश्तेकेभाईसंतोषपुत्रसुधीरकोलगगईथी।जबकिदूल्हेकेपिताश्रीपालवअन्यएकव्यक्तिछर्रेलगनेसेघायलहोगयाथा।कुछहीपलोंमेंचारोंतरफसेचीखोंकीआवाजसुनाईदेनेलगी।महिलाओंकाकरुणक्रंदनदिलकोझकझोररहाथा।क्योंकिगोलीलगनेसेसंतोषकीमौतहोचुकीथी।सभीकारोरोकरबुराहालथा।संतोषपरिवारकाइकलौताचिरागथाऔरपितासुधीरकेलिएवहबुढ़ापेकीलाठीथा।क्योंकिसुधीरखेतीबड़ीकरकेपरिवारकापालनपोषणकरतेहैंऔरसंतोषखेतीकार्यमेंउनकापूराहाथबंटाताथा।अबपरिवारमेंमृतककेमाता-पिताकेसाथसिर्फएकबहनरहगई।ऐसेमेंपरिवारहीनहींपूरेगांवमेंमातमछायाहुआहै।

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माता-पितावबहनकीआंखोंसेनहींरुकरहेथेआंसू

सम्भल:रविवारकोदहेलीगांवमेंखुशियांदिखाईदेरहीथीं।क्योंकिवहांपरगांवकीएकबेटीकीबरातआरहीथी।ऐसेमेंसभीनातेरिश्तेदारसजधजकेबरातकास्वागतकरनेकेलिएतैयारथे।सभीखुशीदिखाईदेरहेथे,लेकिनवहांकीखुशियांकुछहीपलोंमेंकाफूरहोगई।क्योंकिबरातमेंजयमालाकेदौरानगांवनिवासीएकयुवककीमौतहोगईथी।हर्षफायरिगमेंयुवककीमौतकीजानकारीमिलनेपरपुलिसमौकेपरपहुंचीऔरउसनेजनपदबरेलीकेथानाफतेहगंजक्षेत्रकेभिटोरानिवासीअमनकेखिलाफमुकदमादर्जकरकार्रवाईशुरूकरदी।सोमवारकीशामकोजबसंतोषकाशवघरपहुंचातोशहनाईकीगूंजवालेघरमेंभीचीख-पुकारमचगई।परिवारकाइकलौताचिरागहोनेकेकारणपितासुधीरकेसाथमृतककीमांवबहनकारोरोकरबुराहालथा।ऐसेमेंवहबदहवासहोकरकभीबेटेकेचेहरेकोदेखतेतोकभीवहांपरखड़ेलोगोंको।शवकागांवमेंहीअंतिमसंस्कारकरदियागया।

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