इलाज के लिए सात किमी का चक्कर, सियालग में बने पीएचसी

संवादसहयोगी,बसोहली:तहसीलकेदूरदराजकेगांवसियालगकेलोगोंनेसबसेंटरकोपीएचसी(प्राथमिकस्वास्थ्यकेंद्र)कादर्जादेनेकीमांगकीहै।गांवकेनिवासियोंकाकहनाहैकियदिक्षेत्रमेंपीएचसीबनतीहैतोसैकड़ोंलोगोंकोइससेस्वास्थ्यसुविधामिलेगी।पूर्वसरपंचकांशीराम,संतोषकुमार,पूर्वसरपंचहंसराज,जवाहरचंद,जीवनकुमारधर्मचंददिकाकहनाहैकिउनकेगांवसेनजदीकीपीएचसीजंदरैलीलगभग7किलोमीटरकीदूरीपरहै।वहांतकपहुंचते-पहुंचतेरोगीकीहालतखराबहोजातीहै।यातायातकेनाममात्रसाधनहोनेकेकारणगांवकेलोगोंकोकईप्रकारकीपरेशानीकासामनाकरनापड़ताहै।यहांपरबसोहलीसेकेवलएकहीबसआतीहै,जिसपरदर्जनोंगांवोंकेलोगनिर्भरहैं।दिनमेंकोईभीसाधननहोनेएवंबरसातमेंसड़ककेबंदहोनेपरलोगोंकोकईप्रकारकीपरेशानियोंकासामनाकरनापड़ताहै।पीएचसीबनेतोइनगांवोंकोसुविधा

सियालगमेंयदिपीएचसीबनादीजाए,तोक्षेत्रकेलोगोंकोकाफीसुविधाहोजाएगी।भीकड़,रमकेरा,पलाच,खरलूंड,नगाली,गोडलतककेदूरदराजकेगांवोंकेसैकड़ोंग्रामीणोंकोउनयोजनाओंकालाभपहुंचेगाजोआजभीस्वास्थ्यसुविधासेवंचितहैं।ग्रामीणोंकाकहनाहैकिएकओरसरकारघर-घरतकस्वास्थ्यसुविधापहुंचानेकीबातकरतीहै,वहींपिछड़ेगांवोंमेंस्वास्थ्यसुविधाकीदरकारहै।गांवकेलोगआजभीनीमहकीमसेइलाजकरवातेदेखेजासकतेहैं।बरसातमेंसड़ककेबंदहोजानेपरमुश्किलज्यादाहोजातीहै।इसबाबतबीएमओअनुराधाकेरनीकाकहनाहैकिपीएचसीसंबंधीसर्वेकरवाकरहीवहकुछकहसकतेहैं।अगरयहगांवपीएचसीबनानेकेसर्वेकीऔपचारिकताएंपूरीकरेगातोआनेवालेसमयमेंपीएचसीबनसकतीहै।

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