कटहल वाला गांव कटहरवा तो बरगद वाला बरगदवा

महराजगंज:कोरोनासंक्रमणकालमेंआक्सीजनकीजरूरतहमेंपेड़ोंकेजिसमहत्वकीयाददिलारही,हमारेपूर्वजउसेपहलेहीआत्मसातकरचुकेथे।हरा-भरामहराजगंजइसकाउदाहरणहै,जहां100सेअधिकग्रामपंचायतोंकानामपेड़ोंपरहै।उनपेड़ोंकेनामपर,जोग्रामीणोंकेजीवनऔरजीविकाकेसाधनहैं।इनकीगांवमेंबहुलताहै।येपेड़गांवकीपहचानबनेरहें,इसीलिएकिसीपेड़केगिरनेपरउसीप्रजातिकानयापौधालगायाजाताहै।

राजस्वअभिलेखमेंदर्जकटहरवामें200सेअधिककटहलकेपेड़जीविकामेंमददकरतेहैंतोबरगदवामेंबरगदकेदर्जनोंपेड़आक्सीजनदेकरसांसलेनेमें।पिपरियामेंपीपलकेपेड़बहुतायतमेंहैंतोजमुहनियागांवमेंसौसेअधिकजामुनकेपेड़हैं।महुअवागांवमेंमहुआकेडेढ़सौअधिकपेड़लोगोंकोरोजगारदेरहेहैंतोपाकड़केपेड़पकड़ीगांवमेंछांव।महराजगंज-फरेंदारोडपरस्थितप्रमुखचौराहेपकड़ीकानामसौवर्षसेअधिकपुरानेपाकड़केनौपेड़ोंकेकारणपड़ा।हालांकिसातपेड़राष्ट्रीयराजमार्ग730कीभेंटचढ़गए,लेकिनचौराहापकड़ीहीकहलाताहै।लक्ष्मीपुरविकासखंडकेजमुहनियागांवकेप्रधानयमुनाप्रसादबतातेहैंकिबचपनसेहीगांवमेंजामुनकेअधिकपेड़देखरहेहैं।येपेड़गांवकीपहचानहैं।हमारीपहचानबनीरहे,इसलिएपौधारोपणअभियानमेंहमजामुनकेपेड़अधिकरखतेहैं।कमरहाकोरोनाकाअसर

30लाखआबादीवालेमहराजगंजमें11हजारव्यक्तिसंक्रमितहुए,जबकि116मौतेंहुईं।यानीप्रतिदसलाखआबादीपरकरीब39मृत्युहुई,जोराष्ट्रीयऔसत272सेबेहदकमहै।संक्रमितमेंभीआधीआबादीप्रवासीकामगारोंकीथी।गोरखपुरऔरबस्तीमंडलमेंसबसेपहलेमहराजगंजहीकोरोनामुक्तहुआथा।दूसरीलहरमेंभीयहांअधिकसंक्रमणनहींफैलनेपाया।ग्रामीणकहतेहैंकिप्रकृतिसेनजदीकीहीहमेंस्वस्थबनातीहै।वृक्षआजभीदेवता

थारूबहुलववनटांगियागांवोंमेंवृक्षआजभीदेवतामानेजातेहैं।यहांपेड़नहींकाटेजाते।महिलाएंरोजपीपलकीपूजाकरतीहैं।थारूगांवकेरामचरित्रचौधरीबतातेहैंकिवृक्षजीवनऔरजीविकादोनोंदेतेहैं,इसलिएवहदेवताहैंऔरपूज्यहैं।महराजगंजमेंअधिकांशगांवकेनामपेड़-पौधोंपरहैं,जोउनकेप्रकृतिप्रेमकोदर्शातेहैं।पेड़-पौधोंसेउनकाजुड़ावबतातेहैं।विभागभीपुरानेपेड़ोंकोविरासतवृक्षघोषितकरउनकासंरक्षणकररहाहै।

पुष्पकुमारके,डीएफओ,सोहगीबरवावन्यजीवप्रभाग

Previous post बिजली विभाग के खिलाफ ग्रामीणों
Next post टेस्ट पाजीटिव आने के बाद छह क