कठोलवा तक नहीं पहुंची सरकारी योजनाएं

सिद्धार्थनगर:पांचवर्षविकाससेकोसोंदूररहेकठोलवाकेग्रामीणोंमेंगांवकीनईसरकारबननेसेविकासकीआसजगीहै।गांवकीकुलआबादी11सौकेकरीबहैं,जिसमेंकठोलवासहितपरसाडिहवाशामिलहै।नाली,पेयजल,संपर्कमार्गसहितसरकारकीयोजनाकाभीग्रामीणोंकोयहांलाभनहींमिला।

गांवकेकरीबदससेअधिकपरिवारसरकारीआवासकीटकटकीलगाएफूसवखपरैलकेजर्जरमकानोंमेंबरसातकीरातकाटरहेहैं।हैंडपंपखराबपडे़हैं।नालियांध्वस्तहोचुकीहैं।गांवकासंपर्कमार्गभीखस्ताहालहै।गांवकीगलियोंमेंनालीकागंदापानीफैलरहाहै।गांवकेरामशब्द,राजकुमार,रामजीत,रामलौट,हजारी,करमहुसेन,रामउजागिर,मथुरा,रामदौड़आदिकाकहनाहैकिगांवकीसरकारबदलीहै,तोकुछनयाजरूरहोगाऐसीउम्मीदलगाएहमलोगबैठेहैं।

शोभादेवीनेबतायाकिगांवमेंपेयजल,नाली,आवासजैसीतमामसमस्याएंहैं।हमेंआवासआजतकनहींमिलादोबारआनलाइनआवेदनभीकिया।फूसकीझोपड़ीपरिवारसहितरहतीहूं।आसिमानेकहाकिसरकारीपेंशनहमेंनहींमिलरही।पूर्वजोप्रधानथेउनसेकईबारकहीपरवहआश्वासनकीघुट्टीहीपिलातेरहे।अबनएप्रधानसेउम्मीदजगीहै।

कठोलवाकेअखिलेशकुमारकाकहनाहैकिहमकोलेकरगांवकेकरीबदसपरिवारहैंजोआवासकेअभावमेंफूसकेमकानमेंरहनेकोमजबूरहैं।जबकिदलितबस्तीकेलोगोंकामेहनतमजदूरीहीसहाराहै।ऐसेमेंअगरयोजनाओंकालाभनहींमिलेगातोमकानबनवापानाकाफीकठिनहोगा।

ग्रामीणरामशब्दनेइससंदर्भमेंबतायाकिनालियांजोथींवहध्वस्तहैं।जलजमावहोनेकेकारणसंक्रामकरोगोंकाखतराबनाहुआहै।पेयजलकीभीसमस्यासेग्रामीणआजिजहैं।चारहैंडपंपखराबहैं।

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