मैदान ने बदल दी नौवजानों की किस्‍मत, अब जमकर मिल रही सरकारी नौकरी

रेवाड़ी[ज्ञानप्रसाद]। कभीजहांकचरेकेढेरलगतेथे वहांअबभविष्यकीपौधतैयारहो रहीहै।एकसमयथाजबवहांजाने कीइच्छानहींहोतीथी,लेकिनअब नजाराबिल्कुलबदलचुकाहै।अब सुबहसेलेकरशामतकनौजवानोंकी भीड़लगीरहतीहै।हमबातकररहे हैंरेवाड़ीजिलाकेगांवबासबटौड़ी की।जहांनौजवानोंनेखुदमेहनत करकेमैदानतैयारकियाहै।आज यहीमैदानउनकोरोजगारदिलारहा है।मैदानमेंदौड़लगाकरयहांकेयुवा सेना,पुलिस,सीआरपीएफ,बीएसएफ, आइटीबीपीआदिमेंभीभर्तीहोचुके हैं।

लोगोंनेकीपहलतोसुधरेहालातग्रामीणहनुमर्तसिंहकहतेहैंकिकरीब 25सालपहलेगांवमेंकोईखेल मैदाननहींथा।युवाओंकोखेलकूद वदौड़लगानेकेलिएदूसरेगांवोंमें जानापड़ताथा।तबगांवमेंबंजरपड़ी पंचायतीजमीनकोखेलनेयोग्यबनाने काविचारआयाऔरफिरयुवाओंके साथमिलकरमैदानतैयारकियागया। एकसालतककीगईग्रामीणोंकी मेहनतकापरिणामबेहदसुखदरहा। इसमैदानमेंतभीसेगांवकेयुवाओं नेदौड़लगानीशुरूकीथी।

सामाजिकआयोजनकाभीकेंद्र

हर सालशिवरात्रि,होली,दीवालीपर होनेवालेमेले,खेलकूदऔरविभिन्न स्पर्धाओंकायहांआयोजनकिया

जाताहै।इसमुहिममेंरुड़ाराम, राजाराम,सतीश,हनुमान,विकास, बलजीत,संदीप,दीपक,ईश्वरआदि

निरंतररूपसेअभ्यासकरनेकेसाथ मैदानमेंसफाईअभियानचलातेहैं।

दौड़सेतयकियारोजगारका सफर

मैदानमेंदौड़लगानेवालेगांव केदर्जनोंयुवाओंकोउनकीशारीरिक दक्षताकेबलपरविभिन्नविभागोंमें

नौकरीमिलचुकीहै।सिर्फनौकरी मेंहीनहीं,बहुतसेयुवाऐसेभीहैं जिन्होंनेयहांकीमिट्टीमेंपसीना

बहाकरविभिन्नखेलोंमेंजिलाऔर राज्यस्तरपरअपनाऔरराज्यका नामरोशनकियाहै।

Previous post डीईओ मल्लपुर अडकां स्कूल का कि
Next post मनरेगा से 33 लाख मानव दिवस का