प्रभू से प्रेम हो तो जीवन सार्थक

जासं,उन्नाव:क्षेत्रकेओरहरगांवस्थितसाखोंदेवीमंदिरप्रांगणमेंसातदिवसीयश्रीमद्भागवतकथाकाशुभारम्भकलशपूजनकेसाथरविवारकोहुआ।गांवकेस्त्रीपुरुषसिरपरकलशधारणकरगांवकेदेवीमंदिरोंमेघूमेजिसकेबादकथास्थलपरपोथीपूजनकेसाथभागवतकथाकीशुरुआतहुई।

कथावाचकआचार्यउत्तमकुमारनेकहाप्रेमहीइससमस्तसंसारकामूलहै।संसारकेप्राणियोंकेसाथप्रेमकीभावनाहोऔरप्रभुमेंप्रेमहोतभीजीवनसार्थकहै।उन्होंनेकहाभागवतकीकथाआपकोजहांजीवनमेंआनेवालेझंझावातसेबाहरनिकालनेकाकामकरतीहै।वहींआध्यात्मिकस्तरकोऊंचाकरमोक्षप्रदानकरतीहै।कथाकेपहलेधुंधकारीवगोकरनकथाकावर्णनकियागया।इसकेबादराजादशरथकेसन्ताननहोनेपरयज्ञकेद्वारापुत्रजन्मकीकथासुनाया।कथाकेदौरानपरीक्षितसविताद्विवेदी,महेंद्रशुक्ला,धर्मेंद्रसिंह,अनिलत्रिवेदीवजिगरसिंहनेकोविडप्रोटोकॉलकेतहतव्यवस्थामेंसहयोगकिया।

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