रारी गांव में थी पृथ्वीराज चौहान की छावनी, अवशेष संजोने की मांग

संवादसहयोगी,खागा:दोआबाकीधरतीप्राचीनधरोहरोंसेभरीपड़ीहैं।इनकोखोजनेकेबादसंरक्षितकिएजानेकाअभियानछेड़ेधरोहरबचाओसंघर्षसमितिकेसदस्योंनेशुक्रवारकोरारीगांवकादौराकिया।गांवमेंकईप्राचीनमूर्तियांवअवशेषमिले,जिन्हेंसंरक्षितकरनेकीमांगसमितिकीओरसेकीगईहै।

रारीगांवमेंकालिकनमंदिरऔरसिवनीसरोवरकासमितिसदस्योंनेअवलोकनकिया।अमनीगांवकीतरहरारीगांवमेंपृथ्वीराजचौहानकीछावनीहोनेतथ्यमिलाहै।समितिकेडॉ.राजेंद्रसिंहकाकहनाथारारशब्दकाअर्थहैलड़ाईऔररारीशब्दयोद्धाकेलिएप्रयुक्तकियागयाहै।धर्मचंद्रमिश्रकट्टरकेमुताबिकदिल्लीसेइलाहाबाद(अबप्रयागराज)केकिलादौरेपरनिकलेसम्राटअकबरनेअपनेमंत्रीबीरबलकेआग्रहपरउनकेननिहालएकडलाकादौराभीकियाथा।स्वागतसेप्रसन्नहोकरअकबरनेएकडलाकेसिगरौरजमींदारकोराउतकीउपाधिऔरउनकेसिपहसालाररारीनिवासीशिवनाथचन्देलकोएकहजारस्वर्णमुद्राओंसेपुरस्कृतकियाथा।धनकाउपयोगयोद्धाशिवनाथचंदेलनेकालिकामंदिरऔरशिवनाथसरोवरकेनिर्माणमेंकियाथा।मंदिरकीअधिकांशमूर्तियांचोरीहोचुकीहैं,जोशेषबचीहुईहैंउन्हेंभीसहीपहचानमिलनाअभीबाकीहै।समितिसदस्योंनेप्राचीनमूर्तियोंवतालाबकोसंरक्षितकिएजानेकीमांगउठाईहै।

Previous post कृषि विभाग की टीम ने लिए जिप्स
Next post कौन संभालेगा गांव की सत्ता, आज