श्री राम चंद्र जी का ननिहाल है गांव कसेल, भगवान शिव का प्राचीन मंदिर सुशोभित

धर्मबीरसिंहमल्हार,तरनतारन:आमतौरपरमाझाकीधरतीपूरीतरहसेऐतिहासिकहै।इसक्षेत्रमें15हजारकीआबादीवालागांवकसेलहै,जोभगवानश्रीरामचंद्रजीकाननिहालगांवहै।भगवानशिवजीकेजोचारप्राचीनमंदिरहै,इनमेंसेएकमंदिरइसीगांवमेंहै।यहांपरसावनकेमाहमेंमंदिरमेंशिवलिंगकीलगातारसजावटकीजारहीहै।

मंदिरकेसाथनानकशाहीईटोंसेबनाएकपुरानाविशालतालाबभीहै।कहाजाताहैकिइसतालाबकानिर्माणमुगलकालकेसमयहुआथा।काशी,काबाऔरकलानौरकेअलावाजोचौथाप्राचीनमंदिरहै,वहइसीगांव(कसेल)मेंहै।इसगांवकाइतिहासभगवानश्रीरामचंद्रजीसेभीजुड़ाहुआहै।क्योंकियहगांवभगवानश्रीरामचंद्रजीकाननिहालगांवहै।इसगांवमेंभगवानश्रीरामचंद्रजीकीमाताकौश्लयारहतीथी।इसनगरकापुरानानामकौशलहै।माताकौशलयाजीकेपिताजीकीराजधानीइसीगांवमेंहोतीथी।

तलाबकेपानीसेनिरोगहुएथेमहाराजारंजीतसिंह

गांवकसेलस्थितप्राचीनमंदिरकीप्रबंधककमेटीकेअध्यक्षधर्मपाल,सुरजीतबॉबी,कुलदीपशर्मा,राधेश्याम,विनोदकुमारनेबतायाकिशिवमंदिरकेपुरातनतालाबकाइतिहासमहाराजारंजीतसिंहसेभीजुड़ाहुआहै।महाराजारंजीतसिंहकोपेटकारोगथा।वहप्राचीनमंदिरकेतालाबकेपानीसेनिरोगहुएथे।जिसकेबादलंबेसमयतकमहाराजारंजीतसिंहकेपीनेलिएपानीइसीतालाबसेगागरकेमाध्यमसेलेजायाजाताथा।यहांमहंतशिवपुरीजीनेलीथीसमाधी

सुरजीतबॉबीनेकहाकिमंदिरके18वींसदीकेमहंतशिवपुरीजीनेयहांपरजीतेजीसमाधीलीथी।महंतशिवपुरीजीकेबादमहंतउमराओगिर,काहनगिर,हीरागिर,रतनगिरयहांकेप्रबंधदेखतेरहेहैं।अबमौजूदामहंतउनकेपिताधर्मपालहै।सावनमेंयहांपरभक्तोंकाजमावड़ारहताहै।भक्तोंद्वारापुरातनशिवलिंगकीफूलोंसेसजावटकीगईहै।

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