सिर्फ मतदान का अधिकार, सरकारी लाभ का नहीं!

प्रमोदमिश्रा,जमुनहा(श्रावस्ती):सिर्फमतदानकाअधिकारहै,सरकारीलाभकानहीं।यहसुननेमेंअटपटाजरूरलगताहै,लेकिनबातसौफीसदीसहीहै।हकीकतजाननीहैतोजमुनहाब्लाककेबेलरीगांवकेकटानपीड़ितोंसेमिलिए।विस्थापितहोकरग्रामपंचायतश्रीनगरवसागरगांवमेंझुग्गी-झोपड़ीमेंखानाबदोसजिदगीजीनेकोविवशलोगोंकादर्दपूछनेवालाकोईनहींहै।

जमुनहाक्षेत्रमेंग्रामपंचायतबेलरीनेपालसीमासेसटानदीकेकछारमेंबसाहै।करीब12वर्षपूर्वकटानकेचलतेबेलरीगांवराप्तीनदीकीधारामेंसमाहितहोगया।कटानपीड़ितपासकेग्रामपंचायतश्रीनगरवसागरगांवमेंबसगए।पंचायतचुनावमेंप्रधानप्रत्याशियोंनेइनकानाममतदातासूचीमेंदर्जकरवादिया।इसप्रकारउन्हेंमतदानकाअधिकारमिलगया,लेकिनइनकेजख्महरेकेहरेहैं।कटानपीड़ितझुग्गी-झोपड़ीवपन्नीतानकरगुजर-बसरकररहेहैं।कागजोंमेंवेखेतिहरहैं,लेकिनखेतमेंबाढ़मेंआईरेतजमाहै।इससेवेकिसानीभीनहींकरपाते।

छलकाकटानपीड़ितोंकादर्द

चित्रपरिचय-18एसआरटी03,04,05व06मेंफोटोहै।

त्रिभुवननेकहाकिवोटउसीकोदेंगेजोविकासकेबारेमेंसोचे।नेतावोटलेलेतेहैं,लेकिनसुधनहींलेते।बाबादीनकहतेहैंकिनदीकटानमेंसबबर्बादहोगयाहै।हमारीसमस्याकिसीकोदिखाईनहींपड़ती।सुनीतादेवीकहतींहैंकिहमवोटउसीकोदेंगेजोहमारेदर्ददेखेऔरउसेदूरकरें।रामरानीकहतीहैंकिखेतमेंबालूपटगया।रहनेकेलिएघरनहीं।कोईसुननेवालानहींहै।वर्जन

कटानपीड़ितोंकोनएसिरेसेबसानेकेलिएव्यवस्थाकीजातीहै।घरबनानेकेलिएआवासकीभीसुविधादीजातीहै।आवासयदिनहींमिलाहैतोउसकीजांचकरेंगे।

सौरभशुक्ला,एसडीएम,जमुनहा।

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