सुरक्षा समितियों से जुड़ीं सात हजार महिलाएं

हरदोई:गांवोंमेंमहिलाओंकीसुरक्षाहीनहींउन्हेंसुरक्षाकाअहसासदिलानेकेलिएगठितकराईजारहींमहिलासुरक्षासमितियोंमेंअधिकसेअधिकमहिलाओंकोजोड़ाजारहाहै।अभीतकसातहजारमहिलाएंजुड़चुकींहैं।गांवोंमेंमहिलासुरक्षासमितियोंकागठनकरपुलिसअधीक्षकअनुरागवत्सनेनईपहलकीथी,जिसमेंहरगांवकीजागरूकमहिलाओंकोजोड़ाजारहाहै।एंटीरोमियोस्क्वाडप्रभारीनोडलअधिकारीबनाईगईंहैंऔरथानाप्रभारीसेलेकरपुलिसअधिकारीतकउनकेसंपर्कमेंरहेंगे।एसपीनेबतायाकिगांवमेंअगरकोईभीगलतकामहोताहै,किसीमहिलाकोपरेशानकियाजारहा,गांवमेंरास्तेमेंकोईआवारागर्दीकरताहैइनसभीकीकोईभीमहिलाचुपचापसूचनादेदेंगी।थानापुलिसउसकेखिलाफकार्रवाईकरेगी।गांवोंमेंशराबसेपरिवारतबाहहोरहेहैं,इसपरभीमहिलाएंनिगाहरखेंगीअगरगांवमेंकोईशराबबनातायाबेचताहै,जुआखेलाजाताहैतोउसकीसूचनादेगी।महिलाओंकाएकवाट्सएपग्रुपबनायागयाहै।कोईभीमहिलासीधेअधिकारियोंकोभीसूचनादेसकताहै।एसपीनेकहाकिअधिकसेअधिकमहिलाओंकोजोड़नेकीअपीलकीजारहीहै।

घरेलूहिसाकेखिलाफमहिलाएंउठारहींआवाज:हरदोई:घरेलूहिसाकीघटनाएंतेजीसेबढ़रहीहैं।महिलाओंसेहोनेवालीघटनाओंकोरोकनेकेलिएसरकारनेहरथानेमेंमहिलाहेल्पडेस्कशुरूकी।वहींइससेपूर्वसखीवनस्टॉपसेंटरभीशुरूकिए।महिलाएंभीअबचुप्पीतोड़करअपनीआवाजकोउठारहीहैं।प्रत्येकमहिलाहेल्पडेस्कपररोजानाआठसेदसशिकायतेंआरहीहैं,साथहीवनस्टॉपसेंटरपरभीलगातारमामलेबढ़रहेहैं।इनमामलोंकोविभागगंभीरतासेलेकरनिस्तारितभीकरारहाहै।सरकारकेनिर्देशपरलगातारमहिलाओंकोजागरूककियाजारहाहै।हरथानेपररोजानाहीआठसेदसमामलेआरहेहैं,वहींसखीवनस्टॉपसेंटरमेंभीरोजानाशिकायतेंआतीहैं।इनमेंसबसेअधिकघरेलूहिसाकीहोतीहैं।जिलाप्रोबेशनअधिकारीएसकेसिंहनेबतायाकिमहिलाएंअपनीचुप्पीतोड़रहीहैं,जिसकारणलगातारशिकायतेंबढ़रहीहैं।सखीवनस्टॉपसेंटरपरअबतकलगभग1863शिकायतेंआचुकीहैं।

सबसेअधिकशिकायतेंघरेलूहिसाकी:थानोंपरबनेमहिलाहेल्पडेस्कऔरवनस्टॉपसेंटरपरसबसेअधिकशिकायतेंघरेलूहिसाकीआतीहै,जिसमेंपतिद्वाराआएदिनमारपीटऔरसासद्वाराप्रताड़ितकरनेकेमामलेआतेहैं।

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